डिजिटल - बलौदाबाजार
जिला प्रशासन की डिजिटल पहल — योजनाओं, परियोजनाओं एवं सेवाओं की वास्तविक समय में निगरानी व पारदर्शी जानकारी एक ही मंच पर।
निर्माण बलौदाबाजार पोर्टल जिला प्रशासन की एक अनोखी पहल है, जिसका उद्देश्य जिले का डिजिटलीकरण और सशक्तिकरण करना है। यह पोर्टल जिले की जनसंख्या को जोड़कर, योजना निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करता है और उन्हें वास्तविक समय में डेटा तक पहुंच प्रदान करता है। साथ ही, यह पोर्टल निम्न सुविधाएं प्रदान करता है:
यह पोर्टल डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने, प्रक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से डिजिटल करने, पारदर्शिता बढ़ाने और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद करता है।
महानदी के तट के निकट बसा यह जिला, 1 जनवरी 2012 को रायपुर जिले से अलग होकर छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में शामिल हुआ। धान की खेती, राइस मिल उद्योग एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों के लिए यह जिला अपनी समृद्ध पहचान रखता है।
धान, राइस मिल उद्योग, सीमेंट एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों का अनूठा जिला
बलौदाबाजार-भाटापारा जिला महानदी नदी के तट के निकट बसा है, जो 1 जनवरी 2012 को रायपुर जिले से अलग होकर छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में शामिल हुआ। जिला मुख्यालय बलौदाबाजार धान, चना एवं गेहूं जैसी फसलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है, जबकि भाटापारा नगर अपने राइस मिल उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। जिले में चूना पत्थर के भंडार व सीमेंट उद्योग के साथ-साथ तुरतुरिया, गिरौदपुरी धाम एवं दामाखेड़ा जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक स्थल भी स्थित हैं।